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Astrology Hindi

Collection by Geeta Jha

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Geeta Jha
Geeta Healing: Debilitation of Lord of Ascendant Hole In Heart, Astrology Hindi, Secret Plot, Lung Infection, Compulsive Disorder, Lord, Healing

ज्योतिष शास्त्र - रिफाइन या ब्लफ़

ज्योतिष- शास्त्र एक प्राचीन और वैज्ञानिक शास्त्र हैं. आरंभ से ही मनुष्य इसके प्रति आकर्षित रहा हैं. कुछ लोगों की धारणा हैं की ग्रह नक्षत्र आदि पृथ्वी से इतने दूर हैं तो पृथ्वीवासियों पर कैसे प्रभाव डाल सकतें हैं ? इसी कारणवश वे ज्योतिषशास्त्र की सत्यता पर प्रश्नचिन्ह लगा देते हैं. ज्योतिष शास्त्र क्या हैं ? ज्योतिष शास्त्र का लक्ष्य अंतरग्रही संबंधों की वैज्ञानिक विवेचना कर एक दूसरे पर इसके पड़ने वाले सूक्ष्म और स्थूल प्रभावों और परिणामों से अवगत कराना हैं. ज्योतिष शस्त्र के अनुसार पूर्ण…

Geeta Healing: तपस्वी बनाये शनि August 12, On October 3rd, Astrology Hindi, Occult Science, Soul Healing, English Language Learning, Government Jobs, Indiana, Career

तपस्वी बनाये शनि

कुंडली में पंचम भाव से ईश्वर प्रेम और नवम भाव से धर्म विषयक अनुष्ठान आदि का विचार किया जाता है। नवमेश एवं पंचमेश में अर्थात भक्ति एवं अनुष्ठान दोनों में शुभ सम्बन्ध हो तो जातक उच्च श्रेणी का साधक बनता है । दसम स्थान को कर्म स्थान कहते हैं । इसलिए पंचमेश , नवमेश अथवा दसमेश से सम्बन्ध हो तो फल में उत्कृष्टता आ जाती है । शनि एक न्यायकारी ग्रह है । य़ह जातक की कठिन परीक्षा लेकर उसके विचारों को शुद्ध और पवित्र कर देता है . शनि का समबन्ध नवम, पंचम या नवमेश या पंचमेश से हो तो जातक तपस्वी बनता है।…

Wedding Reception Hindi Songs List Indian Marriage - The moment of a wedding is thoroughly thought of even long before the actual planning begins. The importance of such an event is regarded with solemni. Indian Marriage, Marriage Day, Wedding Symbols, Mehendi Arts, Wedding Prep, Wedding Reception, Heart Wall Art, Hand Embroidery Designs, Drawing Sketches

वैवाहिक सम्बन्ध तय करने वाला सिद्ध उपाय

विवाह बाधा नाशक और जल्दी विवाह हेतु अत्यंत प्रभावी 90 दिनों के भीतर ही वैवाहिक सम्बन्ध तय करने वाला सिद्ध उपाय [ remedy for early marriage ] लड़कियों के लिए 70 सेन्टीमीटर पीला कपडा 70 ग्राम चने की दाल 7 पीला पुष्प 7 पीला सिक्के 7 पूजा की सुपाड़ी 7 गुड की डली 7 जोड़ पीला जनेऊ दिन----वृहस्पति [Thursday] वृहस्पति के दिन लड़की सभी सामग्री एकत्रित कर प्रातः नहा कर उन्हें वस्त्र में लपेट कर पोटली बनाये. फिर उस पोटली को धुप-दीपक दिखा कर सामान्य पूजा कर अपने इष्ट देवता से जल्दी विवाह की कामना करते…

Here are 52 Monday morning stress reduction mantras – one for each week of the year. I choose one Mantra every Monday morning and sit silently for a few moments, repeating it slowly in my mind as … Meditation Cd, Breathing Meditation, Meditation Practices, Jiddu Krishnamurti, Self Empowerment, Monday Morning, Osho, Ayurveda, How To Stay Healthy

सूर्य – ज्योतिष - हम

सूर्य खगोल -शास्त्र के अनुसार सूर्य हीलियम और हाइड्रोजन से निर्मित एक अग्निपिण्ड हैं , जो आकाश में स्थित अनंत आकाश गंगाओं में Spiral या मन्दाकिनी नामक एक आकाश गंगा के परिवार में स्थित 1 ½ खरब तारों में एक छोटा सा तारा मात्र हैं. सूर्य का डायमीटर 6 लाख मील हैं जो पृथ्वी से 110 गुना बड़ा हैं. सोलर फॅमिली में 9 ग्रह, ग्रहों के उपग्रह , अनगिनत asteriods , meteors , comets इत्यादि आते हैं. सोलर -सिस्टम के समस्त घटक सूर्य के प्रबल आकर्षण शक्ति से जकड़े हुए उसकी परिक्रमा करते हैं. अपने इस पूरे…

Geeta Healing: कुंडली में चिकित्सा व्यवसाय Astrology Hindi, Healing, Blog, Blogging

कुंडली में चिकित्सा व्यवसाय

चिकित्सा व्यवसाय के कारक तत्व लग्न भाव / स्वामी : स्वयं का प्रतिनिधित्व षष्ट भाव /स्वामी : रोग का प्रतिनिधि कारक दशम भाव/स्वामी : आजीविका कारक द्वितीय एवं एकादश भाव / स्वामी : धन एवं आय के कारक शनि :रोग कारक सूर्य : चिकित्सा कारक मंगल :सर्जरी चन्द्रमा : दवाइयों का कारक चिकित्सा व्यवसाय के लिए योग पंचम , षष्ठ ,नवम ,दशम और द्वादश भाव/ स्वामी का आपस में सम्बन्ध । गुरु का लग्न/पंचम /दसम भाव/स्वामी से सम्बन्ध । चन्द्रमा पाप पीड़ित होना । चन्द्रमा ६/८/१२/ भाव होना में या उनके स्वामी के साथ होना ।…

Geeta Healing: ज्योतिष में सन्यास योग Astrology Hindi, Healing, Blog, Blogging

ज्योतिष में सन्यास योग

यदि जन्म -कुंडली में चार, पांच, छह या सात ग्रह एकत्रित होकर किसी स्थान में बैठे हों तो जातक प्रायः सन्यासी होता है । परन्तु ग्रहों के साथ बैठने से ही सन्यासी योग नहीं होता है वरन उन ग्रहों में एक ग्रह का बली होना भी आवश्यक है । यदि बली ग्रह अस्त हो तो भी ऐसा जातक सन्यासी नहीं होता है । वह केवल किसी विरक्त या सन्यासी का अनुयायी होता है । यदि बली ग्रह किसी ग्रह-युद्ध में पराजित होता है या अशुभ ग्रहों की दृष्टि में होता है तो ऐसा जातक सन्यासी बनने का इच्छुक तो होता है लेकिन उसे दीक्षा नहीं…

Geeta Healing: ज्योतिष में आध्यात्मिक -धार्मिक योग Astrology Hindi, Peptic Ulcer, Gayatri Mantra, Love Breakup, Self Healing, Acupressure, Stem Cells, Love Letters, Horoscope

ज्योतिष में आध्यात्मिक -धार्मिक योग

यदि पूर्ण बली चन्द्रमा केंद्र में हों और उस ऊपर बृहस्पति या शुक्र की दृष्टि पड़ती हो तो जातक आध्यात्मिक वृति का होता है । यदि दशम स्थान पर मीन राशि में बुद्ध या मंगल स्थित हो तो जातक ईश्वरानुरागी होता है और अंत में उसे मुक्ति मिलती है । यदि नवम भाव का स्वामी बली हो और उस पर बृहस्पति या शुक्र की दृष्टि या युति हो तो जातक जप,ध्यान, समाधि में रूचि रखने वाला होता है । दशम भाव का स्वामी नवम भाव में हो और बली नवम भाव के स्वामी पर बृहस्पति या शुक्र की दृष्टि या युति हो जातक जप और ध्यान करने वाला…

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ज्योतिष में ईश्वर-प्रेम और साधना योग

कुंडली के पंचमभाव से ईश्वर प्रेम और नवम भाव से धार्मिक कर्मकांड , अनुष्ठान का विचार होता है । जब नवम और पंचम दोनों शुभलक्षण युक्त हों तभी अनुष्ठान क्रिया भक्ति के साथ होती है । पंचम भाव प्रगाढ़ भक्ति का द्योतक है । जब पंचम और नवम भाव में सकारत्मक सम्बन्ध बनता है बनता है तो जातक भक्ति और अनुष्ठान दोनों के साथ रहने से उच्च कोटि का साधक बनता है । दशम स्थान कर्मस्थान होता है और सन्यास योग भी इंगित करता है, यदि पंचमेश और नवमेश का नवम भाव या नवमेश से सम्बन्ध हो तो साधना में उत्कृष्टता आती है । पंचम…

Geeta Healing: ज्योतिष में ह्रदय रोग Astrology Hindi, Healing, Blog, Blogging

ज्योतिष में ह्रदय रोग

ह्रदय मानव शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है । ह्रदय की बनावट कार्य प्राणी या वाल्वों में रक्त संचार की रुकावट या शिराओं संचार व्यवस्था में गड़बड़ी होने से ह्रदय के कार्य करने में रुकावट पैदा होती है फलस्वरूप ह्रदय रोग उत्पन्न हो जाते हैं । धूम्रपान , शराब का सेवन करना , चिंता, शोक , उच्च रक्त चाप , चर्बी का बढ़ना , मानसिक तनाव , अपुष्ट भोजन, वात -रोग, गठिया , भय, वंशानुगत कारणों , प्रमेह आदि कारणों से ह्रदय रोग होते हैं । ह्रदय रोग कई प्रकार के होते हैं जैसे जन्म से ह्रदय में छेद होना, ह्रदय शूल…

Geeta Healing: ज्योतिष में दरिद्र -योग Astrology Hindi, Healing, Blog, Blogging

ज्योतिष में दरिद्र -योग

दरिद्र -योग में जन्म लेने वाला वाला जातक कठिन परिस्थिति में रहने वाला , अप्रिय बोलने वाला , व्यसनी, निम्न सोच रखने वाला , कटु भाषी, निम्न वृति से धन कमाने वाला , परस्त्री लोलुप होता है । इस योग के रहते कभी कभी जातक के अंगों में विकार आ जाता है , वह कलह-प्रिय , कृतघ्न , उत्तम लोगों से जलने वाला , दूसरों के कार्य में विघ्न डालने वाला होता है । दरिद्र -योग होने की सम्भावना लग्न द्वारा यदि लग्न चर राशि का हो , लग्न का नवमांश भी चर राशि का हो और लग्न पर शनि या नीच के वृहस्पति की दृष्टि हो तो…

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शादी कब होगी {Timing Of Marriage In Astrology}

शादी कब होगी! यह प्रश्न भले है छोटा है लेकिन हमारे समाज के लिए यह एक अहम प्रश्न है । बच्चों के जन्म के साथ ही माता पिता उनकी शादी का सपना संजोने लगते हैं । जब युवावस्था में बच्चे पहुंचते हैं तो माता पिता अपने बच्चों के लिए योग्य जीवनसाथी की तलाश करने लगते हैं । कभी कभी विवाह जल्दी हो जाता है कभी कभी विलम्ब से होता है कभी कभी यह तलाश जब लम्बी होने लगती है तो मन में प्रश्न उठने लगता है आखिर शादी कब होगी? विवाह को प्रभावित करने वाले कारक लग्न-----जातक के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाएं द्धितीय भाव…

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ज्योतिष में मानसिक अशांति के कारण

अपने कार्यों में अपेक्षानुरूप सफलता नहीं मिलने से अथवा किसी भी प्रकार की प्रतिकूल परिस्थितियों से सामना न कर पाने के कारण मन अशांत हो जाता है । अशांत मन अनेक प्रकार के मनोरोगों को जन्म देता है । ज्योतिष में मानसिक अशांति के मुख्य कारक लग्न ---व्यक्तित्व चतुर्थ भाव ---मानसिक स्थिति ,विचार चन्द्रमा ---मन का कारक ज्योतिष में मानसिक अशांति के कारण चन्द्रमा नीच राशि वृश्चिक में हो | चन्द्रमा का 6/8/12 वें भाव में स्थित होना । चन्द्रमा पर राहु एवं शनि की युति या दृष्टि हो । दोनों में से एक ग्रह से…

7 Things We Learned About Longevity In Assuming that the world isn't ultimately coming to an end next week, most of us are approaching the end of the year with reflections on the past 12 months, along with resolutions and hopes for the future. Hope For The Future, Live Long, Lime, Food And Drink, Nutrition, Learning, Studio, Health, Desserts

ज्योतिष में दीर्घायु या लम्बी आयु के कारक

ज्योतिष में आयु विचार के लिए आयु का निम्न वर्गीकरण किया गया है बालारिष्ट --8 वर्ष तक अल्पायु ---8 -32 वर्ष तक मध्यायु ---32 -64 वर्ष तक दीर्घायु ---64 -100 वर्ष तक आयु का विचार करने के प्रमुख कारक लग्न और चन्द्र लग्न लग्नेश और अष्टमेश अष्टम भाव में स्थित ग्रह अष्टम भाव पर दृष्टि वाले ग्रह मारक ग्रह मारकेश [ दूसरा और सप्तम भाव ] होरा लग्न शनि की लग्न और चन्द्रमा से स्थिति दीर्घायु के कुछ प्रमुख योग लग्न /लग्नेश द्वारा लग्नेश बलवान हो कर केंद्र में स्थित हो | लग्नेश जिस भाव में हो उस भाव का…

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ज्योतिष में अपरमित आयु {Immeasurable Age in Astrology}

भारत के प्राचीन ग्रंथों में अनेकानेक प्रमाण मिलते हैं की कई लोग सैकड़ों या हज़ारों वर्षों तक जीते हैं । वर्तमान में भी बहुतेरे लोगों का पता चलता है जो 100 से 300 साल तक जीवित रहे थे । सिद्धियों और योग के बल पर उम्र को अपने वश में करने के लिए विख्यात देवरहा बाबा विश्वप्रसिद्ध थे । कहा जाता है की उनकी आयु ढाई सौ से पांच सौ के बीच थी । देवराह बाबा के अलावा तैलंग स्वामी भी एक उच्च कोटि के योगी थे जिनकी आयु का अनुमान 300 साल के आस पास लगाया जाता है ।हिमालय में निवास करने वाले महावतार बाबा की के…

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कैसे जाने की कुंडली में प्रेम विवाह है की नहीं ?

भारत में विवाह को एक पवित्र धार्मिक और सामजिक संस्कार माना जाता है । षोडश संस्कारों में से यह एक अनिवार्य संस्कार है । जाति , धर्म, भाषा ,देश ,आर्थिक स्तर और कुटुंब की अनदेखी कर किये जाने वाले गन्धर्व विवाह या प्रेम विवाह के संकेत जातक की कुंडली में भी मिलते हैं । कुंडली में प्रेम विवाह के योग लग्नेश एवं सप्तमेश का स्थान परिवर्तन या युति होना प्रेम विवाह का कारण बनता है । पंचम भाव एवं सप्तम भाव प्रेम विवाह में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं । पंचमेश एवं सप्तमेश की युति पंचम या सप्तम भाव में होना…

There is no need to “let go” or “move on”: You can trust your own inner . Mantra, Twin Flame Reading, Love Reading, Astrology Hindi, Meditation, Mudras, Josephine Wall, Tarot Card Decks, Hippie Art

काम वासना और ज्योतिष

मनुष्य में काम वासना एक जन्मजात प्रवृति और वह इससे आजीवन प्रभावित -संचालित होता है। किसी व्यक्ति में इस भावना का प्रतिशत कम हो सकता है किसी में ज्यादा हो सकता है । ज्योतिष के विश्लेषण के अनुसार यह पता लगाया जा सकता है की व्यक्ति में काम भावना किस रूप में विद्यमान है और वह उसका प्रयोग किन क्षत्रों में कितने अंशों में कर रहा है । लग्न / लग्नेश 1. यदि लग्न और बारहवें भाव के स्वामी एक हो कर केंद्र /त्रिकोण में बैठ जाएँ या एक दूसरे से केंद्रवर्ती हो या आपस में स्थान परिवर्तन कर रहे हों तो पर्वत…